आर्द्रा नक्षत्र
आर्द्रा 27 नक्षत्रों में छठा नक्षत्र है। यह निरयन मिथुन राशि में 6°40′ से 20° तक फैला है। इसका विंशोत्तरी स्वामी राहु और देवता रुद्र माने जाते हैं। आकाश में यह बेटेल्जूस (Betelgeuse) तारे से जुड़ा है। जन्म के समय चंद्रमा इस हिस्से में हो, तो जन्म नक्षत्र आर्द्रा कहलाता है।
मुख्य तथ्य
| क्रम | 6 / 27 |
|---|---|
| निरयन अंश | मिथुन 6°40′ से 20° |
| राशि | मिथुन |
| विंशोत्तरी स्वामी | राहु |
| देवता | रुद्र (शिव का उग्र रूप) |
| प्रतीक | आँसू की बूँद या हीरा |
| गण | मनुष्य |
| योनि | श्वान (कुत्ता) |
| नाड़ी | आदि |
| चरण के नामाक्षर | कु, घ, ङ, छ |
परंपरा में आर्द्रा
"आर्द्रा" का अर्थ है "नम" या "भीगा हुआ"। परंपरा में इसे तूफ़ान के बाद की बारिश की तरह बदलाव, सफ़ाई और नई शुरुआत से जोड़ा जाता है। रुद्र यहाँ डर के नहीं, परिवर्तन के देवता के रूप में समझे जाते हैं। ग्रंथ इसे "तीक्ष्ण" (तेज़) नक्षत्रों में रखते हैं, इसलिए कई पंचांग शुभ कार्यों के मुहूर्त में इसे अलग से देखते हैं।
चरण और नामाक्षर
हर नक्षत्र के चार चरण होते हैं और हर चरण 3°20′ का होता है। आर्द्रा के चार चरणों के पारंपरिक नामाक्षर क्रम से कु, घ, ङ, छ हैं। कई परिवार नामकरण में इन्हें देखते हैं; यह परंपरा और पसंद की बात है, अनिवार्य नियम नहीं।
आर्द्रा और विंशोत्तरी दशा
जन्म के समय चंद्रमा आर्द्रा में हो, तो विंशोत्तरी दशा राहु की महादशा से शुरू होती है। शुरुआती दशा का बचा हुआ समय इस पर निर्भर करता है कि चंद्रमा नक्षत्र में कितना आगे था। यह गणना सही जन्म समय पर टिकी है।
संतुलित नज़रिया
नक्षत्र जन्म कुंडली का एक हिस्सा है, पूरी कहानी नहीं। केवल नक्षत्र के नाम से किसी के स्वभाव, सेहत या भविष्य का पक्का फैसला नहीं किया जा सकता। अपना नक्षत्र जानने के लिए नक्षत्र कैसे जानें पढ़ें या मुफ़्त कुंडली बनाएं। संबंधित राशि: मिथुन राशिफल। Pocket Jyotish AI AI शब्दों को समझा सकता है, पर वह इंसान नहीं है और गलती कर सकता है।
अक्सर पूछे गए सवाल
आर्द्रा नक्षत्र का स्वामी कौन है?
विंशोत्तरी पद्धति में आर्द्रा का स्वामी राहु है।
आर्द्रा नक्षत्र किस राशि में आता है?
आर्द्रा निरयन मिथुन 6°40′ से 20° तक फैला है।
आर्द्रा नक्षत्र के नामाक्षर क्या हैं?
चार चरणों के पारंपरिक अक्षर कु, घ, ङ, छ हैं।